さらばベルリンの陽

今日は雪が降って。
うっすらと積もった雪道を歩くと、ザッザッと音がした。
PISTOLSの「Hoidays in the sun~さらばベルリンの陽」のイントロみたいだなと思った。
アルバムでは軍靴の音で始まるのだ。

雪を踏み、歩きながら、もういないあの子のことを思った。
そんなに親しかった訳じゃないけれど。
何度か一緒にお酒を飲んだだけだけれど。

癌だったらしい。
まだ30代だろ?
早すぎるよ。

神様は居るのか?
もし居るとしたら、これは酷い仕打ちじゃないか?
あまりに残酷なんじゃないか?
あの子が何をしたっていうんだ。

それでも、天国はあってほしいと思った。
そう願うくらい、構わないだろう。

そこは暖かい?
また遊ぼうな。
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コメント

どして…

奪うくせに、なぜ与えるんだろう、神様は。

No title

■ゴリラさん
神様は気まぐれなのかもしれませんね。
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haunted days

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濃紺

Author:濃紺
◆1971年生まれ。廃人寸前からサラリーマンへ奇跡の転身。 音楽好き。愛すべき80年代カルチャーを礎に、現在を生き未来を感じたい。東京→仙台→札幌→福岡。

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