コインが4枚

自販機の横を通りかかったら、返却口にコインが落ちる音がした。
カチャンカチャン…。
続けざまに。

私はすかさず返却口に指を突っ込んでコインを取り出した。
400円ある。

自販機の横には、今まさに原付にまたがった人がいた。
この400円は、きっと彼のものに違いない。

きっと500円玉を投入し、100円コーヒーを購入。
お釣りを取り忘れてしまったのだろう。

私は「お釣り取り忘れていませんか?」と、彼に400円を手渡した。

彼は「ありがとう。すみません」と会釈した。

…。

それは結果的にそうなっただけであって。

本当は…最初は400円をパクろうとしたんだ。
「やった~ラッキー!」くらいの思いで。
タバコ代の足しには十分だ。

でもね、400円をパクるのってどうなの?
って思ってやめたんだ。
お釣りの主らしき人も近くにいたしね。
コインを手に握り締め、しばらく歩いて振り返って、誰も見ていないことを確認し、パクったお金を素早く自分の財布に入れた時、なんだか凄くイヤな気持ちになりそうだったから。

だから、私の行動は正義感からでもなく、お釣りをとり忘れた彼の為でもなく、あくまでも自分の為だったんだよなと思った。

自分がイヤな思いをしたくなかっただけなんだ。
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コメント

徳の貯金

正義感からやったら偽善者かな?

No title

■ゴリラさん
それはそれで良いことだと思いますよ。
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haunted days

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濃紺

Author:濃紺
◆1971年生まれ。廃人寸前からサラリーマンへ奇跡の転身。 音楽好き。愛すべき80年代カルチャーを礎に、現在を生き未来を感じたい。東京→仙台→札幌→福岡。

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